hindifacts.in के प्रिय पाठको का इस नए लेख आमेर किले का इतिहास 2023 में हार्दिक स्वागत है. आमेर का किला राजस्थान की राजधानी जयपुर से तकरीबन 11 किलोमीटर दूर है. “आमेर किला” अम्बर किला के नाम से भी जाना जाता है. यह किला राजस्थान के बड़े प्रख्यात किलो मेसे एक है. लोग यहाँ पर दूर दूर से घुमने के लिए आते है. अगर आप भी यहाँ पर आने का सोच रहे हे तो इस आर्टिकल में आपको आमेर किला जयपुर राजस्थान के बारे पूरी जानकरी प्राप्त होगी.
आमेर का किला मुख्य रूप से 3 चीजो की वजह से प्रख्यात है.
- इतिहास
- किले की अनोखी बनावट
- अच्छी फोटोग्राफी
आमेर किला जयपुर राजस्थान के बारे पूरी जानकरी
 |
आमेर किले का इतिहास |
आमेर किला जयपुर राजस्थानआमेर, राजस्थान के जयपुर शहर से थोड़े दूर स्थित एक जगह का नाम है. जहाँ पर स्थित है आमेर का किला. जयपुर से पहले राजस्थान की राजधानी आमेर हुआ करता था. आमेर किला काफी ज्यादा पुराना किला है. यह किला अरावली पहाड़ी की चोटी पर स्थित है. आमेर किले को राजा मान सिंह ने सन 1592 में बनवाया था.
आमेर किला “आमेर पेलेस” के नाम से भी जाना जाता है. इस किले को राजा ने संगमरमर और लाल बलुआ पथ्थरो का उपयोग करके बनावाया था. किले के नजदीक उपस्थित माथा झील लोगो के लिए एक आकर्षण का केंद्र बनती है.
आमेर किले के साथ 400 से भी अधिक साल पुराना इतिहास जुडा हुआ है. फिर भी यह कीला आज भी देखने पर नया लगता है. आमेर किले में दीवान-ए-आम, शीश महल और सुख महल जैसी नायाब और खुबसूरत इमारते मौजूद है. आमेर के किले में आपको हिन्दू और मुश्लिम दोनों प्रकार के धर्मो वास्तुकला संगम देखने को मिलता है. इस किले में शिला देवी, गणेश पोल भी है. इसमें से 1 द्वार एसा भी है जो राजाओ के निजी कक्ष तक जाता है. कई सारे मंडप और होल आमेर के किले को आकर्षण का केंद्र बनाते है. असल में देखा जाए तो यह किसी नायाब खुबसूरत रचना से कम नहीं है.
Amer Fort Architecture आमेर किले की संरचना
 |
आमेर किले का इतिहास |
आमेर किला जयपुर राजस्थान
आमेर किले के आर्किटेक्चर को मुख्य रूप से 4 भागो में बांटा गया है. हर एक के लिए अलग अलग द्वार की व्यवस्था की गई है. किले का मुख्य द्वार सूर्य की तरफ रखा गया है. यह द्वार मुख्य प्रांगण में जाकर मिलता है. 4 प्रांगण मेसे एक प्रांगण का नाम ‘कौर जलेब चौक‘ है.
History about Amer Fort in Hindi आमेर किला जयपुर राजस्थान का इतिहास
आमेर किले का इतिहास तक़रीबन 400 साल पुराना है. यह किला जयपुर से 11 किलोमीटर दूर अरावली की पहाडियों में स्थित है. जब जयपुर से पहले आमेर राजस्थान की राजधानी थी तब वह सूर्यवंशी कछवाहा राजवंश की राजधानी हुआ करती थी. 11 से 16 वीं सताब्दी तक कछवाहो द्वारा यहाँ शासन किया गया था. इन लोगो का शासन जब तक राजधानी को बदल कर जयपुर नही किया गया तब तक चला था.
सबसे पहले आमेर किला को राजा मान सिंह ने सन 1592 में बनवाया था. उसके कुछ सालो बाद राजा जय शाह प्रथम ने इस किले का विस्तार और किले का जीर्णोद्धार करवाया था. इतने सालो तक ढेर सारे युद्ध की मार और आक्रमण झेलने के बावजूद आज भी यह किला जैसे का तैसा खड़ा है.
Why Amer Fort is so famous? आमेर का किला क्यों प्रसिद्ध है?
आमेर का किला 3 चीजो की वजह से प्रसिद्ध है. 1)अमेर किले का इतिहास, 2)अमेर किले की अनोखी रचना, और 3)फोटोग्राफी. हालाँकि जैसे की हमने पहले देखा आमेर किले आस पास उपस्थित अलग अलग महल और साथ ही माथा नामकी जिल इसे और भी आकर्षित बना देती है.
Old Name of Amer Fort Jaipur आमेर किले का पुराना नाम क्या था?
.webp) |
आमेर किले का इतिहास |
आमेर किला जयपुर राजस्थान
आमेर किले का पुराना नाम अम्बावती अमरपुरा था. तथा कुछ लोग इसे अमरगढ़ के नाम से भी बुलाते थे. लोगो का मनना है की भगवान शिव के नाम ‘अम्बकेश्वर’ के ऊपर से इस जगह का नाम आमेर बना.
आमेर किला घुमने में कितना समय लगता है?
आमेर किला घुमने में लगभग 1-2 घंटे लग सकते है. अगर आप पहली बार जा रहे और वहां का इतिहास आपको अच्छी तरह से जानना है तो आप गाइड भी साथ रख सकते है. वह एक बेहतर विकल्प हो सकता है.यहां घूमने का सही समय
.webp) |
आमेर किले का इतिहास |
आमेर किला जयपुर राजस्थान
आमेर किला वैसे तो पुरे हफ्ते खुला रहता है. आप 10:00 से 5:30 के बिच में कभी भी घुमने जा सकते हो. हालाँकि इस जगह को घुमने का सबसे अच्छा महिना ऑक्टोबर से लेकर मार्च महीने तक का होता है. इन महीनो में आप इस जगह की भरपूर सुन्दरता का मज़ा ले सकते हो. गर्मियों के मौसम में यहाँ जाने की हिदायत नहीं दी जाती है. क्योंकि, इन महीनो यहाँ का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी कई गुना ज्यादा होता है. एसे में आपको भारी गर्मी का सामना करना पड सकता है. इसीलिए बारिश और शर्दियो में यहाँ घुमने जाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
यहाँ तक कैसे पहुंचे?
आमेर किला तक पहुँचना बहुत आसान है. इसके लिए आपको राजस्थान के जयपुर शहर पहुचना पड़ेगा उसके बाद शहर से महल तक जाने के लिए आप कोई भी टैक्सी, या फिर ऑटो रिक्शा भी कर सकते हो.
आमेर फोर्ट एंट्री फीस | Amer Fort Entry Fee
आमेर फोर्ट में घुमने के लिए आपको निचे दर्शाए गए पैसो के हिसाब से टिकेट लेना होता है.
- भारतीयों के लिए =50₹
- विदेशियों के लिए =250₹
आप चाहे तो संयुक्त टिकेट भी खरीद सकते है. इस टिकेट में आपको अंबर किला, नाहरगढ़ किला, हवा महल, जंतर मंतर, वेधशाला, अल्बर्ट होल, सिसोदिया रानी उद्यान, इसके आलावा विवाधर उद्यान भी शामिल होता है है. जिसकी मदद से आप आसानी से पूरा दिन घूम सकते हो. और अलग अलग जगह का आनंद उठा सकते हो.
- संयुक्त टिकट भारतीयों के लिए =150₹
- संयुक्त टिकट विदेशियों के लिए =500₹
हालाँकि अगर आप विद्यार्थी हो तो आपको अच्छा डिस्काउंट भी मिलता है. और अगर आपके साथ कोई छोटा बच्चा है जिसकी उम्र 7 साल से कम हे तो उस बच्चे का टिकट जरुरी नहीं है.
Q-एअरपोर्ट से आमेर किला की दुरी कितनी है?
एअरपोर्ट से आमेर किले तक की दुरी लगभग 22 किलोमीटर जितना है.
Q-आमेर किला किस जगह पर है?
देवी सिंहपुरा, आमेर, जयपुर, राजस्थान 302001
तो प्रिय पाठको हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह लेख आमेर किला जयपुर राजस्थान आपको बहुत पसंद आया होगा. अगर आपका कोई सवाल या फिर सुझाव हे तो हमें निचे कमेंट में लिख कर बता सकते हो. Amer fort Jaipur Rajasthan History in Hindi
आमेर का किला क्यों प्रसिद्ध है?
आमेर का किला 3 चीजो की वजह से प्रसिद्ध है. 1)अमेर किले का इतिहास, 2)अमेर किले की अनोखी रचना, और 3)फोटोग्राफी.
आमेर किला घुमने में कितना समय लगता है?
आमेर किला घुमने में लगभग 1-2 घंटे लग सकते है. अगर आप पहली बार जा रहे और वहां का इतिहास आपको अच्छी तरह से जानना है तो आप गाइड भी साथ रख सकते है. वह एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
आमेर फोर्ट एंट्री फीस
भारतीयों के लिए =50₹
विदेशियों के लिए =250₹
आमेर किला किस जगह पर है?
देवी सिंहपुरा, आमेर, जयपुर, राजस्थान 302001